आयुष्मान भारत योजना का बड़ा सच! क्या सच में साल में सिर्फ 1 बार ही इलाज? जानें 5 लाख कवर का असली नियम

आयुष्मान भारत योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है, जिसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के नाम से भी जाना जाता है. करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इस योजना का लाभ मिल रहा है. लेकिन कई लाभार्थियों के मन में इस योजना को लेकर कुछ भ्रम और सवाल रहते हैं. सबसे आम सवाल यह है कि क्या आयुष्मान कार्ड से साल में सिर्फ एक बार ही इलाज कराया जा सकता है? कई लोग इस गलतफहमी के कारण योजना का पूरा फायदा नहीं उठा पाते. आइए जानते हैं इस योजना के असली नियम क्या हैं और आप इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं.

साल में कितनी बार करा सकते हैं इलाज?

यह सबसे बड़ा भ्रम है जो लोगों के बीच फैला हुआ है. सच्चाई यह है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत साल में इलाज कराने की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है. आप जरूरत पड़ने पर साल में जितनी भी बार चाहें, योजना के पैनल में शामिल किसी भी अस्पताल में अपना इलाज करा सकते हैं.

असली सीमा इलाज की संख्या पर नहीं, बल्कि कुल खर्च की राशि पर है. इस योजना में प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है. जब तक आपका कुल इलाज का खर्च इस 5 लाख की सीमा के भीतर रहता है, तब तक आप जितनी भी बार चाहें इलाज करा सकते हैं.

कैसे काम करती है 5 लाख की सीमा?

मान लीजिए आपने जनवरी महीने में किसी बीमारी का इलाज कराया और उसमें 1 लाख रुपये का खर्च आया. तो अब साल भर के लिए आपके पास 4 लाख रुपये का कवर बचा रहेगा. अगर फिर से कोई बीमारी होती है और इलाज की जरूरत पड़ती है, तो आप बचे हुए 4 लाख रुपये के कवर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

हर बार इलाज कराने पर खर्च आपके सालाना 5 लाख रुपये के कवर से कट जाता है. अगर पूरे साल में आपका कुल खर्च 5 लाख से कम रहता है, तो आप कितनी भी बार अस्पताल जा सकते हैं. लेकिन अगर एक ही इलाज में 5 लाख पूरे हो जाएं, तो फिर उस वित्तीय वर्ष में आप योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे.

कौन से अस्पतालों में मिलेगा इलाज?

आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ कई निजी अस्पताल भी पैनल में शामिल हैं. देश भर में हजारों अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं. इलाज पूरी तरह कैशलेस होता है, यानी आपको अपनी जेब से एक भी रुपया नहीं देना पड़ता.

आप अपने नजदीकी पैनल में शामिल अस्पताल का पता आयुष्मान भारत की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से लगा सकते हैं. अस्पताल जाते समय अपना आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड साथ रखें.

किन बीमारियों का होता है इलाज?

इस योजना में लगभग 1,900 से ज्यादा तरह की बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं को कवर किया गया है. इसमें कैंसर का इलाज, हार्ट की सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट, घुटना बदलवाना, मोतियाबिंद का ऑपरेशन और कई गंभीर बीमारियां शामिल हैं.

हॉस्पिटलाइजेशन से पहले के 3 दिन और हॉस्पिटल से छुट्टी के बाद के 15 दिनों तक का खर्च भी इस योजना में कवर होता है. इसमें दवाइयां, जांच, डॉक्टर की फीस सब कुछ शामिल है.

कौन उठा सकता है लाभ?

यह योजना गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और पिछड़े समुदायों के लिए बनाई गई है. 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आधार पर पात्र परिवारों की पहचान की जाती है.

अगर आपका नाम लाभार्थी सूची में है तो आप अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं. कार्ड बनवाने के लिए नजदीकी जन सेवा केंद्र, आयुष्मान मित्र या सरकारी अस्पताल में संपर्क करें.

परिवार के कितने सदस्यों को मिलेगा लाभ?

इस योजना की खास बात यह है कि 5 लाख रुपये का कवर पूरे परिवार के लिए होता है, न कि हर सदस्य के लिए अलग-अलग. परिवार में कितने भी सदस्य हों, सभी को मिलाकर एक साल में 5 लाख रुपये तक का इलाज कराया जा सकता है.

परिवार के सभी सदस्य एक ही कार्ड से इलाज करा सकते हैं. कोई उम्र की सीमा नहीं है, बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी को कवर मिलता है.

क्या हर साल नया कार्ड बनवाना पड़ता है?

नहीं, एक बार आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद वह तब तक वैलिड रहता है जब तक आप पात्र हैं. हर साल नया कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं है. हां, अगर कार्ड खो जाए या खराब हो जाए तो डुप्लीकेट कार्ड बनवाया जा सकता है.

हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में 5 लाख रुपये का कवर फिर से रिन्यू हो जाता है. मतलब अगर इस साल आपने 3 लाख का इलाज कराया, तो अगले साल आपको फिर से पूरे 5 लाख का कवर मिलेगा.

निष्कर्ष

ग़रीब परिवार के लिए आयुष्मान भारत योजन महत्वपूर्ण साबित हुई है. साल में इलाज की कोई सीमा न होने से लोग बिना किसी टेंशन के जरूरत पड़ने पर इलाज करा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि कुल खर्च 5 लाख की सीमा के भीतर रहे. अगर आप पात्र हैं तो जल्द से जल्द अपना आयुष्मान कार्ड बनवाएं और इस योजना का पूरा फायदा उठाएं.

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