हर साल 8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का जश्न मनाया जाता है। लेकिन सच पूछिए तो यह दिन सिर्फ फूल और बधाइयों का नहीं है। यह उस हकीकत को याद दिलाने का दिन है कि जब तक हमारी बेटियों को तालीम के बराबर मौके नहीं मिलते, तब तक तरक्की की बात अधूरी है।
इसी सोच को जमीन पर उतारने के लिए इस साल कई बड़े संस्थानों और सरकारी महकमों ने महिलाओं के लिए जबरदस्त स्कॉलरशिप्स और फेलोशिप्स का ऐलान किया है। अगर आप या आपके घर की कोई बेटी आगे पढ़ने का सपना देख रही है, तो यह खबर उनके लिए किसी तोहफे से कम नहीं।
ब्रिटिश काउंसिल की फुली फंडेड STEM स्कॉलरशिप
साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स यानी STEM में अपना मुस्तकबिल बनाने की चाहत रखने वाली लड़कियों के लिए ब्रिटिश काउंसिल ने 2026-27 के लिए एक बेमिसाल पहल की है।
इस स्कॉलरशिप में क्या-क्या मिलेगा, जानिए तफसील से:
- आर्थिक मदद: हर चुनी गई छात्रा को कम से कम 40,000 पाउंड यानी करीब 36 लाख रुपये की मदद मिलेगी
- पूरा खर्च कवर: ट्यूशन फीस, रहना-खाना, ट्रैवल, वीजा, हेल्थ कवरेज और अंग्रेजी सपोर्ट तक सब शामिल
- कहां मिलेगा दाखिला: यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग, यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर, क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन जैसी UK की टॉप यूनिवर्सिटीज में
बस पैसों की मदद ही नहीं, यह प्रोग्राम छात्राओं को इंटरनेशनल रिसर्च कम्युनिटी से जोड़ने और एक मजबूत प्रोफेशनल नेटवर्क बनाने का सुनहरा मौका भी देता है।
UPES का ‘1,000 वीमेन, 1,000 ड्रीम्स’ इनिशिएटिव
देहरादून की यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज यानी UPES ने भी इस महिला दिवस पर एक बड़ा कदम उठाया है। 1,000 होनहार महिलाओं को ऑनलाइन MBA के लिए 100% ट्यूशन फीस माफ की जाएगी।
यह स्कॉलरशिप तीन कैटेगरीज में बंटी है:
- आर्म्ड फोर्सेज की महिलाएं (300 सीटें): आर्मी, नेवी, एयरफोर्स में सेवारत महिलाएं और सर्विंग-रिटायर्ड जवानों की पत्नियां व बेटियां
- टेक और स्टार्टअप महिलाएं (250 सीटें): टेक्नोलॉजी कंपनियों में काम करने वाली या खुद का स्टार्टअप चलाने वाली महिलाएं
- ओपन कैटेगरी (450 सीटें): पूरे भारत की कोई भी योग्य महिला, किसी भी बैकग्राउंड से
UPES के वाइस-चांसलर डॉ. सुनील राय का कहना है कि इस मुहिम का मकसद पैसों की उस रुकावट को हटाना है जो अक्सर बेटियों के सपनों के आड़े आ जाती है।
सरकारी स्कॉलरशिप्स की भी है लंबी फेहरिस्त
सिर्फ विदेशी संस्थाएं या प्राइवेट यूनिवर्सिटीज ही नहीं, भारत सरकार भी महिलाओं की तालीम के लिए कई जबरदस्त योजनाएं चला रही है। DST, UGC और AICTE जैसे बड़े सरकारी महकमों की मदद से ये स्कीम्स अंडरग्रेजुएट से लेकर पोस्ट-डॉक्टोरल लेवल तक की पढ़ाई के लिए मौजूद हैं:
- INSPIRE-SHE: हायर एजुकेशन के लिए स्कॉलरशिप
- इंदिरा गांधी स्कॉलरशिप: सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट स्कॉलरशिप
- प्रगति (PRAGATI): टेक्निकल एजुकेशन में लड़कियों के लिए
- WISE SCOPE फेलोशिप: महिला रिसर्चर्स के लिए UGC पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप
- वीमेन साइंटिस्ट स्कीम (WOS-A, WOS-B, WOS-C): साइंस और इनोवेशन में महिलाओं को आगे लाने के लिए
इन तमाम स्कीम्स की पूरी जानकारी ISTI पोर्टल पर मिल जाएगी।
यह सिर्फ पैसा नहीं, एक नई जिंदगी की शुरुआत है
इन स्कॉलरशिप्स का असल मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है। इनका विजन उन तमाम बेटियों को उन मैदानों में खड़ा करना है जहां उनकी नुमाइंदगी अब भी उम्मीद से बहुत कम है। चाहे साइंस और रिसर्च की दुनिया हो, या आंत्रप्रेन्योरशिप का मैदान, आज कामयाबी के दरवाजे पहले से कहीं ज्यादा खुले हैं।
यह महिला दिवस सिर्फ बधाइयां कुबूल करने का नहीं है। यह उन सुनहरे मौकों का भरपूर फायदा उठाने का वक्त है जो आपके और आपकी बेटी के मुस्तकबिल को हमेशा के लिए बदल सकते हैं।

Hi, readers, my name is Mariya Disuza. I am a professional content writer with over 5+ years of experience creating research-driven and trending content. I focus on delivering accurate, clear, and reliable information, ensuring that every piece of content is trustworthy and helpful for readers of Branding School.