EPFO Interest Rate: EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर 8.25% ब्याज दर बरकरार रखने का निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 2 मार्च 2026 को हुई 239वीं CBT बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। 7 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद जल्द ही उनके खातों में यह ब्याज जमा होगा।
देश के 7 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ (PF) जमा पर मिलने वाली ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। सरकार ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, यानी आपको पिछले साल की तरह ही 8.25% का मुनाफा मिलता रहेगा।
यह लगातार दूसरा साल है जब EPFO ने ब्याज दर को स्थिर रखा है। 2024-25 में भी ब्याज दर 8.25% ही थी। इससे पहले 2023-24 में ब्याज दर को 8.15% से बढ़ाकर 8.25% किया गया था। कर्मचारियों के लिए यह स्थिरता एक अच्छी खबर है क्योंकि इससे उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स पर भरोसेमंद रिटर्न मिलता रहेगा।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में लिया गया निर्णय
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में 2 मार्च 2026 को नई दिल्ली में हुई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की 239वीं बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। CBT, EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।
इस हाई-लेवल मीटिंग में राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, श्रम एवं रोजगार सचिव वंदना गुरनानी और EPFO के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश कृष्णमूर्ति ने भी शिरकत की। बोर्ड ने सर्वसम्मति से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF जमा पर 8.25% वार्षिक ब्याज दर की सिफारिश की।
श्रम मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद EPFO ने मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। संगठन ने अपने निवेश पोर्टफोलियो से अच्छे रिटर्न हासिल किए हैं, जिसमें ETF और अन्य निवेश शामिल हैं। इससे ब्याज खाते पर दबाव डाले बिना सदस्यों को स्थिर और प्रतिस्पर्धी रिटर्न सुनिश्चित किया जा सका है।
अब क्या होगा आगे की प्रक्रिया?
CBT के निर्णय के बाद, प्रस्तावित ब्याज दर को अब वित्त मंत्रालय के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। वित्त मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद ही भारत सरकार द्वारा इसे आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया जाएगा।
सरकारी अनुमोदन मिलते ही EPFO, 7 करोड़ से अधिक ग्राहकों के खातों में ब्याज की राशि जमा करना शुरू कर देगा। आमतौर पर यह प्रक्रिया वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद पूरी की जाती है।
पीएफ पर ब्याज कब और कैसे मिलता है?
कई लोग सोचते हैं कि पीएफ का ब्याज कैसे जुड़ता है और कब खाते में आता है। आइए इसकी पूरी प्रक्रिया समझते हैं:
मासिक गणना की जाती है
आपके EPF खाते में जमा राशि पर ब्याज की गणना हर महीने की जाती है। यह गणना महीने के अंत में आपके खाते में उपलब्ध शेष राशि (Closing Balance) पर की जाती है। इसे “Monthly Running Balance” कहा जाता है।
साल के अंत में जमा होता है
भले ही गणना हर महीने होती है, लेकिन कुल संचित ब्याज वित्तीय वर्ष के अंत में एक साथ आपके पीएफ खाते में जमा (Credit) किया जाता है। यानी 31 मार्च के बाद आपके खाते में पूरे साल का ब्याज एक बार में ऐड होता है।
सरकारी अनुमोदन जरूरी है
हालांकि, यह प्रक्रिया सरकार की औपचारिक मंजूरी पर निर्भर करती है। जब तक वित्त मंत्रालय ब्याज दर को अप्रूव नहीं करता, तब तक पैसा खातों में नहीं आता। इसलिए कभी-कभी थोड़ी देरी हो सकती है।
डॉरमेंट अकाउंट पर ब्याज नहीं मिलता
EPFO के नियमों के मुताबिक, अगर आपका पीएफ खाता लगातार 36 महीनों (3 साल) तक निष्क्रिय (Inactive) रहता है, यानी उसमें कोई नया अंशदान (Contribution) जमा नहीं होता, तो वह डॉरमेंट कैटेगरी (Inoperative Category) में चला जाता है।
ऐसी स्थिति में उस खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। इसलिए अगर आपने नौकरी बदली है या किसी कारणवश आपके पीएफ खाते में योगदान नहीं हो रहा है, तो बेहतर होगा कि आप अपनी पुरानी राशि को नए खाते में ट्रांसफर करवा लें या क्लेम सेटलमेंट करा लें।
हालांकि, अच्छी खबर यह है कि EPFO ने हाल ही में एक पायलट स्कीम को मंजूरी दी है जो ₹1,000 या उससे कम बैलेंस वाले निष्क्रिय खातों के लिए ऑटो-इनिशिएटेड क्लेम सेटलमेंट की सुविधा प्रदान करेगी। पहले चरण में लगभग 1.33 लाख ऐसे खाते शामिल होंगे जिनमें कुल ₹5.68 करोड़ की राशि फंसी हुई है।
पिछले कुछ सालों का ब्याज दर का ट्रेंड
EPF ब्याज दरों के पिछले कुछ वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिलता है:
2025-26 में 8.25% (अपरिवर्तित)
वर्तमान वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर 8.25% पर स्थिर रखी गई है। यह लगातार तीसरा साल है जब यह दर इसी स्तर पर बनी हुई है।
2024-25 में 8.25% (अपरिवर्तित)
पिछले वित्त वर्ष में भी ब्याज दर 8.25% ही थी। फरवरी 2025 में EPFO ने इस दर को बरकरार रखा था।
2023-24 में 8.25% (वृद्धि)
2024 में EPFO ने ब्याज दर को 8.15% से मामूली बढ़ाकर 8.25% कर दिया था। यह एक सकारात्मक कदम था जिसने कर्मचारियों को बेहतर रिटर्न दिया।
2022-23 में 8.15%
इस वित्त वर्ष में ब्याज दर 8.15% थी, जो कि अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती थी।
2021-22 में 8.10% (40 साल का निचला स्तर)
मार्च 2022 में EPFO ने ब्याज दर को घटाकर 8.10% कर दिया था, जो पिछले 40 सालों का सबसे निचला स्तर था। 1977-78 में यह दर 8% थी। 2020-21 में यह 8.50% थी, इसलिए यह कमी काफी उल्लेखनीय थी।
2020-21 में 8.50%
इस साल की ब्याज दर 8.50% थी, जो 2019-20 की 8.65% दर से कम थी।
2019-20 में 8.65% (7 साल का न्यूनतम)
मार्च 2020 में EPFO ने ब्याज दर को सात साल के निचले स्तर 8.5% पर लाया था। 2018-19 में यह 8.65% थी।
क्या है EPFO और इसके क्या फायदे हैं?
EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) भारत सरकार की एक स्वायत्त संस्था है जो श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन काम करती है। यह प्राइवेट सेक्टर और ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स का प्रबंधन करती है।
EPF (Employees’ Provident Fund)
यह मुख्य योजना है जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों का योगदान जमा होता है। कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12% EPF में जाता है और नियोक्ता भी 12% का योगदान देता है (हालांकि नियोक्ता के 12% में से 8.33% EPS में जाता है)।
यह राशि रिटायरमेंट के समय एकमुश्त मिलती है और इस पर ब्याज भी मिलता है। कर्मचारी आपातकाल में आंशिक निकासी भी कर सकते हैं।
EPS (Employees’ Pension Scheme)
यह योजना कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन प्रदान करती है। नियोक्ता के योगदान का एक हिस्सा (8.33%) इस स्कीम में जाता है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद, “Higher Pension” का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।
फरवरी 2026 तक 17.49 लाख आवेदन Higher Pension के लिए प्राप्त हुए थे, जिनमें से 15.24 लाख का निपटारा किया जा चुका है।
EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance)
यह बीमा योजना कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह एक जीवन बीमा कवर है जो नॉमिनी को मिलता है।
EPFO का कुल कोष कितना है?
मार्च 2025 तक EPFO का कुल संचित कोष (Consolidated Corpus) ₹28.34 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। यह विशाल राशि विभिन्न सुरक्षित निवेशों में लगाई गई है जैसे:
- सरकारी प्रतिभूतियां (Government Securities)
- राज्य विकास ऋण (स्टेट डेवलपमेंट लोन – SDLs)
- सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बॉन्ड (PSU Bonds)
- इक्विटी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs)
- लिक्विड म्यूचुअल फंड्स
EPFO ने निवेश प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए एक व्यापक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को भी मंजूरी दी है। यह SOP कॉर्पोरेट एक्शंस जैसे बायबैक और कॉल/पुट ऑप्शंस के लिए पारदर्शी और समयबद्ध प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सुनिश्चित करता है।
EPFO के हालिया सुधार और नई योजनाएं
239वीं CBT बैठक में ब्याज दर के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए:
निष्क्रिय खातों के लिए ऑटो क्लेम सेटलमेंट
EPFO ने ₹1,000 या उससे कम बैलेंस वाले निष्क्रिय खातों के लिए ऑटो-इनिशिएटेड क्लेम सेटलमेंट की पायलट स्कीम को मंजूरी दी। पहले चरण में लगभग 1.33 लाख खाते इस पहल के तहत कवर होंगे। सफलता के आधार पर, इसे बाद के चरणों में ₹1,000 से अधिक बैलेंस वाले खातों पर भी लागू किया जाएगा।
एमनेस्टी स्कीम
बोर्ड ने आयकर-मान्यता प्राप्त ट्रस्टों के लिए एक बार की एमनेस्टी स्कीम को मंजूरी दी है। यह उन ट्रस्टों के लिए है जिन्हें अभी तक EPF & MP Act, 1952 के तहत कवर नहीं किया गया है या छूट नहीं दी गई है। प्रस्तावित योजना में 6 महीने की विंडो में ऐसी स्थापनाओं और ट्रस्टों को अनुपालन में लाने का प्रावधान है।
नई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की अधिसूचना
CBT ने Code on Social Security, 2020 के साथ तालमेल बिठाने के लिए नई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की अधिसूचना को भी मंजूरी दी। नई Employees’ Provident Fund Scheme, 2026, Employees’ Pension Scheme, 2026 और EDLI Scheme, 2026 मौजूदा योजनाओं को प्रतिस्थापित करेंगी।
IBPS को भर्ती एजेंसी के रूप में मंजूरी
बोर्ड ने Institute of Banking Personnel Selection (IBPS) को EPFO की ओर से सीधी भर्ती और प्रमोशन परीक्षा आयोजित करने के लिए एजेंसी के रूप में अनुमोदित किया।
7 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को होगा फायदा
EPFO के 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्यों को इस ब्याज दर निर्णय से सीधा लाभ मिलेगा। यह भारत की सबसे बड़ी रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम है जो संगठित क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
8.25% की ब्याज दर को बनाए रखने से कर्मचारियों की बचत पर स्थिर और प्रतिस्पर्धी रिटर्न सुनिश्चित होता है। यह दर बैंक की सावधि जमा (Fixed Deposit) दरों से अधिक है और टैक्स बेनिफिट्स के साथ आती है।
EPF में जमा राशि Section 80C के तहत टैक्स कटौती के लिए योग्य है। साथ ही, अगर आप 5 साल की निरंतर सेवा के बाद EPF निकालते हैं, तो ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता (EEE – Exempt-Exempt-Exempt स्टेटस)।
निष्कर्ष: कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला
EPFO का 2025-26 के लिए 8.25% ब्याज दर बनाए रखने का निर्णय देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक सकारात्मक कदम है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी स्थिर ब्याज दर कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत को मजबूत बनाती है।
वित्त मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही यह ब्याज सभी पात्र खातों में जमा कर दिया जाएगा। EPFO के सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खाते को सक्रिय रखें और नियमित रूप से अपने बैलेंस की जांच करते रहें। यदि आपका खाता 3 साल से निष्क्रिय है, तो बेहतर होगा कि आप इसे ट्रांसफर करवाएं या क्लेम करें ताकि आपका पैसा डॉरमेंट कैटेगरी में न चला जाए।
कुल मिलाकर, यह फैसला EPFO की वित्तीय मजबूती और कर्मचारी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है!

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