मिडरेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में एक नया धमाका होने वाला है। iQOO ब्रांड अपना नया स्मार्टफोन iQOO 15R भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी में है। कंपनी ने पहले ही अपना फ्लैगशिप iQOO 15 भारत में 72,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है, लेकिन अब बात हो रही है एक ऐसे फोन की जो आम यूजर्स की पहुंच में होगा और फिर भी प्रीमियम फीचर्स देगा।
आइकू इंडिया के CEO निपुण मार्या ने हाल ही में सोशल मीडिया पर iQOO 15R को टीज़ करते हुए इसकी तस्वीर शेयर की है। हालांकि आधिकारिक लॉन्च डेट का ऐलान अभी बाकी है, लेकिन इंडस्ट्री सोर्सेज के मुताबिक यह फोन फरवरी 2026 की शुरुआत में भारत में आ सकता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर iQOO 15R में ऐसा क्या खास है जो इसे खरीदने लायक बना सकता है।
क्या होगी iQOO 15R की कीमत?
सबसे पहली और अहम बात – कीमत। अगर मार्केट एनालिसिस की मानें तो iQOO 15R की कीमत 45,000 से 52,000 रुपये के बीच हो सकती है। यह प्राइस ब्रैकेट इसे OnePlus 15R, Motorola Edge 60 Neo और Nothing Phone (3a) के सीधे मुकाबले में खड़ा करता है।
मेरी राय में, अगर iQOO इस फोन को 48,000 रुपये से नीचे लॉन्च करता है और साथ में बैंक ऑफर्स देता है, तो यह सेगमेंट का बेस्ट वैल्यू-फॉर-मनी ऑप्शन बन सकता है।
परफॉर्मेंस: Snapdragon 8s Gen 5 का दम
iQOO 15R में Qualcomm का Snapdragon 8s Gen 5 प्रोसेसर मिलने की पुख्ता संभावना है। यह 3nm प्रोसेस पर बना चिपसेट है जो 3.8GHz तक की क्लॉक स्पीड सपोर्ट करता है। फिलहाल भारत में सिर्फ OnePlus 15R में यही प्रोसेसर मिल रहा है।
क्यों है खास: यह चिपसेट फ्लैगशिप Snapdragon 8 Elite के करीब 85-90% परफॉर्मेंस देता है, लेकिन कीमत काफी कम रहती है। गेमिंग, मल्टीटास्किंग और AI फीचर्स – सब कुछ स्मूथली चलेगा।
सॉफ्टवेयर की बात करें तो Android 15 बेस्ड FunTouch OS 15 मिल सकता है, जिसमें कस्टमाइजेशन और AI फीचर्स भरपूर होंगे।
बैटरी: यहां है असली गेम चेंजर
iQOO 15R की सबसे बड़ी USP होगी इसकी 7,600mAh की मैसिव बैटरी। जी हां, आपने सही पढ़ा – साढ़े सात हजार एमएएच।
क्या फर्क पड़ेगा:
- हैवी यूज़ में भी 1.5 से 2 दिन की बैटरी लाइफ
- गेमिंग करने वालों के लिए 8-10 घंटे का नॉन-स्टॉप प्लेटाइम
- वीडियो स्ट्रीमिंग में 15 घंटे से ज्यादा का बैकअप
साथ में 100W की फास्ट चार्जिंग भी मिलेगी, जो इस बड़ी बैटरी को महज 40-45 मिनट में 0 से 100% चार्ज कर देगी। यह कॉम्बिनेशन इस सेगमेंट में यूनीक है।
तुलना के लिए देखें तो OnePlus 15R में 6,000mAh की बैटरी मिलती है 80W चार्जिंग के साथ, Motorola Edge 60 Neo में 5,500mAh मिलती है 68W चार्जिंग के साथ, और Nothing Phone (3a) में सिर्फ 5,000mAh मिलती है 45W चार्जिंग के साथ। यानी iQOO 15R बैटरी के मामले में साफ आगे है।
कैमरा: 200MP – क्या सच में जरूरत है?
iQOO 15R में 200MP Samsung HP5 मेन सेंसर की बात की जा रही है। साथ में 8MP का सेकेंडरी लेंस और 32MP का फ्रंट कैमरा मिल सकता है।
मेरी सलाह: 200MP का नंबर गेम भले ही इंप्रेसिव लगे, लेकिन असली परफॉर्मेंस इमेज प्रोसेसिंग और सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन पर निर्भर करती है। iQOO के पिछले फोन्स में कैमरा परफॉर्मेंस मिक्स्ड रही है, खासकर लो-लाइट में।
क्या उम्मीद करें – डेलाइट में शार्प और डिटेल्ड तस्वीरें मिलेंगी, 2x-3x क्रॉप करने पर भी अच्छी क्वालिटी रहेगी। लेकिन नाइट फोटोग्राफी में iQOO को सुधार की जरूरत है, और वीडियो स्टेबिलाइजेशन कितना अच्छा होगा यह देखना बाकी है।
डिस्प्ले और डिज़ाइन
6.59-inch का 1.5K LTPS OLED डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जिसमें 144Hz रिफ्रेश रेट गेमिंग के लिए परफेक्ट होगा। 5000 nits की पीक ब्राइटनेस से तेज धूप में भी क्लियर विजिबिलिटी मिलेगी। अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर फास्ट और एक्यूरेट अनलॉक करेगा।
IP68 और IP69 रेटिंग मिलने से फोन वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंट होगा। मतलब बारिश में या धूल-मिट्टी में भी टेंशन-फ्री यूज़।
किसे खरीदना चाहिए iQOO 15R?
यह फोन परफेक्ट है अगर आप बैटरी लाइफ को प्राथमिकता देते हैं, हैवी गेमिंग और मल्टीटास्किंग करते हैं, 50,000 रुपये के अंदर फ्लैगशिप-लेवल परफॉर्मेंस चाहिए, या वैल्यू-फॉर-मनी ऑप्शन ढूंढ रहे हैं।
इसे अवॉइड करें अगर कैमरा क्वालिटी आपकी टॉप प्रायोरिटी है, कॉम्पैक्ट और हल्का फोन चाहिए क्योंकि 7600mAh बैटरी से वजन बढ़ेगा, या फिर ब्रांड वैल्यू और रीसेल वैल्यू आपके लिए जरूरी है।
फाइनल वर्डिक्ट
iQOO 15R एक मजबूत ऑल-राउंडर पैकेज बनकर आ रहा है। अगर कंपनी इसे सही कीमत पर लॉन्च करती है और कैमरा परफॉर्मेंस में सुधार लाती है, तो यह OnePlus 15R को गंभीर टक्कर दे सकता है।
बैटरी और परफॉर्मेंस के मामले में तो यह सेगमेंट लीडर बन सकता है। बस देखना यह है कि आखिरी कीमत क्या रखी जाती है और असल परफॉर्मेंस रिव्यूज में कैसी निकलती है।
मेरी सलाह है कि अगर आप जल्दी में नहीं हैं, तो लॉन्च के बाद पहले रिव्यूज देख लें, फिर खरीदारी का फैसला करें। Early adopters को कभी-कभी सॉफ्टवेयर बग्स का सामना करना पड़ता है।